vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 83: इरावान्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय
»
श्लोक 24
श्लोक
6.83.24
सा वध्यमाना समरे धार्तराष्ट्री महाचमू:।
वेगान् बहुविधांश्चक्रे विषं पीत्वेव मानव:॥ २४॥
अनुवाद
इरावान से पीड़ित हुई आपकी विशाल सेना युद्धस्थल में विषपान किये हुए पुरुष के समान नाना प्रकार की व्याकुलता प्रकट करने लगी।
On the battlefield, your huge army, afflicted by Iravan, began to show various kinds of agitations, like a man who has consumed poison.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×