श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.83.23 
तौ स जित्वा महाराज नागराजसुतासुत:।
पौरुषं ख्यापयंस्तूर्णं व्यधमत् तव वाहिनीम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! इरावान नागराज उलूपी की राजकुमारी का पुत्र था। उसने विन्द और अनुविन्द को परास्त करके अपनी वीरता का परिचय दिया और तुरन्त ही आपकी सेना का संहार करने लगा।
 
Maharaj! Iravan was the son of the princess of the serpent king Ulupi. He demonstrated his bravery by defeating Vind and Anuvind and immediately began killing your army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)