श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.83.21 
इरावांस्तु रणे क्रुद्धो भ्रातरौ तौ महारथौ।
ववर्ष शरवर्षेण सारथिं चाप्यपातयत्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
तब इरावान भी युद्धस्थल में क्रोधित हो उठा और उसने उन दोनों महारथियों पर बाणों की वर्षा करके उनके सारथि को मार डाला।
 
Then Iravan too became furious on the battlefield and began showering arrows on those two mighty car-warriors and killed their charioteer.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)