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mahabharat 6.83.20: उनके द्वारा छोड़े गए स्वर्ण-विभूषित बाण बड़े वेग से सूर्य के मार्ग पर पहुँचकर आकाश को ढकने लगे।   |   mahabharat अध्याय 6.83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.83.20 
ताभ्यां मुक्ता महावेगा: शरा: काञ्चनभूषणा:।
दिवाकरपथं प्राप्य च्छादयामासुरम्बरम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उनके द्वारा छोड़े गए स्वर्ण-विभूषित बाण बड़े वेग से सूर्य के मार्ग पर पहुँचकर आकाश को ढकने लगे।
 
The golden-adorned arrows shot by them with great speed reached the path of the Sun and covered the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)