Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.83.18: तत्पश्चात् अनुविन्द अपना रथ छोड़कर विन्द के रथ पर बैठ गया और भार वहन करने में समर्थ दूसरा उत्तम धनुष लेकर युद्ध के लिए तैयार हो गया।   |   mahabharat अध्याय 6.83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.83.18 
त्यक्त्वानुविन्दोऽथ रथं विन्दस्य रथमास्थित:।
धनुर्गृहीत्वा परमं भारसाधनमुत्तमम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अनुविन्द अपना रथ छोड़कर विन्द के रथ पर बैठ गया और भार वहन करने में समर्थ दूसरा उत्तम धनुष लेकर युद्ध के लिए तैयार हो गया।
 
Thereafter Anuvinda left his chariot and sat on Vind's chariot and taking another excellent bow capable of bearing the load, he got ready for the battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)