भीमसेनोऽपि संक्रुद्धस्तव सैन्यमुपाद्रवत्।
निजघान च संक्रुद्धो दण्डपाणिरिवान्तक:॥ ६२॥
अनुवाद
इधर भीमसेन भी अत्यन्त क्रोधित होकर आपकी सेना पर टूट पड़े और दण्ड धारण किये हुए यमराज की भाँति उन्हें मारने लगे।
Here Bhimasena too became very angry and attacked your army and began killing them like Yamaraja holding a stick.
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि द्वैरथे द्वॺशीतितमोऽध्याय:॥ ८२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें द्वैरथयुद्धविषयक बयासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥