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mahabharat 6.82.59: तब महाबली योद्धा भीमसेन ने उसके चारों घोड़ों को मार डाला तथा ध्वजा सहित उसके सुशोभित सारथि को भी काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  6.82.59 
तस्याश्वांश्चतुरो हत्वा भीमसेनो महारथ:।
सारथिं पातयामास सध्वजं सुपरिष्कृतम्॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली योद्धा भीमसेन ने उसके चारों घोड़ों को मार डाला तथा ध्वजा सहित उसके सुशोभित सारथि को भी काट डाला।
 
Then the mighty warrior Bhimasena killed all his four horses and also cut down the decorated charioteer along with his flag.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)