Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.82.58: महाराज! उन बाणों से अत्यन्त पीड़ित होने पर भी महारथी एवं सत्यविद् सात्वतवंशी कृतवर्मा विचलित नहीं हुए। उन्होंने पुनः तीखे बाणों से भीमसेन को पीड़ित किया। | mahabharat अध्याय 6.82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तैरर्द्यमानोऽतिरथ: सात्वत: सत्यकोविद:।
नाकम्पत महाराज भीमं चार्च्छच्छितै: शरै:॥ ५८॥
अनुवाद
महाराज! उन बाणों से अत्यन्त पीड़ित होने पर भी महारथी एवं सत्यविद् सात्वतवंशी कृतवर्मा विचलित नहीं हुए। उन्होंने पुनः तीखे बाणों से भीमसेन को पीड़ित किया।
Maharaj! Even after being greatly afflicted by those arrows, the great warrior and Satyakvid Satvatvanshi Kritavarma did not get perturbed. He again afflicted Bhimasena with sharp arrows. 58.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥