Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.82.54: उस समय राजा दुर्योधन से अत्यन्त प्रेम करने वाला महाबली शकुनि उनके पास आया और सम्पूर्ण जगत के स्वामी दुर्योधन को अपने रथ पर बिठा लिया।   |   mahabharat अध्याय 6.82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  6.82.54 
शकुनिस्तं समभ्येत्य राजगृद्धी महाबल:।
राजानं सर्वलोकस्य रथमारोपयत् स्वकम्॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
उस समय राजा दुर्योधन से अत्यन्त प्रेम करने वाला महाबली शकुनि उनके पास आया और सम्पूर्ण जगत के स्वामी दुर्योधन को अपने रथ पर बिठा लिया।
 
At that time the mighty Shakuni, who loved the king very much, came near and took Duryodhana, the ruler of the entire world, onto his chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)