Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.82.43-44: उस समय उस दिव्यास्त्र ने मय दानव को तत्काल नष्ट करके अलम्बुष पर सब ओर से बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी, जैसे वर्षा ऋतु में बादल पर्वत पर जल की धाराएँ बरसाते हैं। | mahabharat अध्याय 6.82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय उस दिव्यास्त्र ने मय दानव को तत्काल नष्ट करके अलम्बुष पर सब ओर से बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी, जैसे वर्षा ऋतु में बादल पर्वत पर जल की धाराएँ बरसाते हैं।
At that time that divine weapon, having instantly destroyed the demon Maya, began to shower arrows on Alambusha from all sides, just as a cloud pours streams of water on a mountain during the rainy season.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥