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mahabharat 6.82.4: उन राजाओं के सामने तथा सम्पूर्ण सेना के बीच में दुर्योधन महाबली सुशर्मा को अत्यन्त आनन्द प्रदान करते हुए ऐसा बोला-॥4॥   |   mahabharat अध्याय 6.82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.82.4 
तेषां तु प्रमुखे शूरं सुशर्माणं महाबलम्।
मध्ये सर्वस्य सैन्यस्य भृशं संहर्षयन्निव॥ ४॥
 
 
अनुवाद
उन राजाओं के सामने तथा सम्पूर्ण सेना के बीच में दुर्योधन महाबली सुशर्मा को अत्यन्त आनन्द प्रदान करते हुए ऐसा बोला-॥4॥
 
In front of those kings and in the midst of the entire army, Duryodhana spoke as if giving immense joy to the mighty valiant Susarma -॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)