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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध
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श्लोक 38
श्लोक
6.82.38
शिखण्डी तु भृशं राजंस्ताडॺमान: शितै: शरै:।
आरुरोह रथं तूर्णं माधवस्य महात्मन:॥ ३८॥
अनुवाद
राजन! अश्वत्थामा के तीखे बाणों से अत्यन्त घायल होकर शिखण्डी तुरन्त ही महामना सात्यकि के रथ पर चढ़ गया॥38॥
Rajan! Being deeply injured by the sharp arrows of Ashwatthama, Shikhandi immediately climbed onto the chariot of Mahamana Satyaki. 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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