श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.82.32 
तत: शरसहस्राणि बहूनि भरतर्षभ।
प्रेषयामास समरे द्रौणि: परमकोपन:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! तब अत्यन्त क्रोधित अश्वत्थामा ने युद्धस्थल में शिखण्डी पर हजारों बाणों की वर्षा की॥32॥
 
Bharatshrestha! Then the most angry Ashwatthama showered thousands of arrows on Shikhandi in the battlefield. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)