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mahabharat 6.82.25: तब द्रोणाचार्य ने तुरंत युद्धभूमि में पांडवों की विशाल सेना का संहार करना आरम्भ कर दिया। सैकड़ों-हजारों योद्धा नष्ट हो गए।   |   mahabharat अध्याय 6.82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.82.25 
भारद्वाजस्ततस्तूर्णं पाण्डवानां महाचमूम्।
दारयामास समरे शतशोऽथ सहस्रश:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तब द्रोणाचार्य ने तुरंत युद्धभूमि में पांडवों की विशाल सेना का संहार करना आरम्भ कर दिया। सैकड़ों-हजारों योद्धा नष्ट हो गए।
 
Then Dronacharya immediately started to destroy the huge army of the Pandavas on the battlefield. Hundreds and thousands of warriors were destroyed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)