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mahabharat 6.82.13: महान त्रिगर्तों ने अपने भाइयों, पुत्रों और अन्य महान योद्धाओं के साथ भीष्म को चारों ओर से घेर लिया।   |   mahabharat अध्याय 6.82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.82.13 
स सर्वत: परिवृतस्त्रिगर्तै: सुमहात्मभि:।
भ्रातृभि: सह पुत्रैश्च तथान्यैश्च महारथै:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महान त्रिगर्तों ने अपने भाइयों, पुत्रों और अन्य महान योद्धाओं के साथ भीष्म को चारों ओर से घेर लिया।
 
The great Trigartas, along with their brothers, sons and other great warriors, surrounded Bhishma from all sides. 13.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)