Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.82.12: इसी प्रकार पाण्डव सैनिक श्वेत ग्रह के समान उठते हुए श्वेत अश्व और श्वेत धनुषधारी शान्तनुपुत्र भीष्म की आँखों में नहीं देख सकते थे ॥12॥ | mahabharat अध्याय 6.82: श्रीकृष्ण और अर्जुनसे डरकर कौरवसेनामें भगदड़, द्रोणाचार्य और विराटका युद्ध, विराटपुत्र शंखका वध, शिखण्डी और अश्वत्थामाका युद्ध, सात्यकिके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, धृष्टद्युम्नके द्वारा दुर्योधनकी हार तथा भीमसेन और कृतवर्माका युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथा शान्तनवं भीष्मं श्वेताश्वं श्वेतकार्मुकम्।
न शेकु: पाण्डवा द्रष्टुं श्वेतं ग्रहमिवोदितम्॥ १२॥
अनुवाद
इसी प्रकार पाण्डव सैनिक श्वेत ग्रह के समान उठते हुए श्वेत अश्व और श्वेत धनुषधारी शान्तनुपुत्र भीष्म की आँखों में नहीं देख सकते थे ॥12॥
Similarly, the Pandava soldiers could not look into the eyes of Shantanu's son Bhishma, who had a white horse and a white bow, rising like a white planet. ॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥