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mahabharat 6.81.44: आर्य! कुन्तीपुत्र अर्जुन ने उन सहस्रों राजाओं के घोड़ों और हाथियों में से कुछ को दो-दो बाणों से तथा कुछ को तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.81: सातवें दिनके युद्धमें कौरव-पाण्डव-सेनाओंका मण्डल और वज्रव्यूह बनाकर भीषण संघर्ष   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.81.44 
तेषां राजसहस्राणां हयानां दन्तिनां तथा।
द्वाभ्यां त्रिभि: शरैश्चान्यान् पार्थो विव्याध मारिष॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
आर्य! कुन्तीपुत्र अर्जुन ने उन सहस्रों राजाओं के घोड़ों और हाथियों में से कुछ को दो-दो बाणों से तथा कुछ को तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया।
 
Arya! Kunti's son Arjun injured some of the horses and elephants of those thousands of kings with two arrows each and some with three arrows each.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)