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mahabharat 6.81.29-30h: महान धनुर्धर भगदत्त ने महाबली राक्षस घटोत्कच पर बड़े जोर से आक्रमण किया, मानो एक पागल हाथी ने दूसरे पागल हाथी पर आक्रमण किया हो।   |   mahabharat अध्याय 6.81: सातवें दिनके युद्धमें कौरव-पाण्डव-सेनाओंका मण्डल और वज्रव्यूह बनाकर भीषण संघर्ष   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 81: सातवें दिनके युद्धमें कौरव-पाण्डव-सेनाओंका मण्डल और वज्रव्यूह बनाकर भीषण संघर्ष  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  6.81.29-30h 
प्राग्ज्योतिषो महेष्वासो हैडिम्बं राक्षसोत्तमम्॥ २९॥
अभिदुद्राव वेगेन मत्तो मत्तमिव द्विपम्।
 
 
अनुवाद
महान धनुर्धर भगदत्त ने महाबली राक्षस घटोत्कच पर बड़े जोर से आक्रमण किया, मानो एक पागल हाथी ने दूसरे पागल हाथी पर आक्रमण किया हो।
 
The great archer Bhagadatta attacked the great demon Ghatotkacha with great force, as if one mad elephant had attacked another mad elephant.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)