Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.81.16-17: उसमें दस हजार घोड़े, उतने ही हाथी और दस हजार रथ तथा कवचधारी चित्रसेन आदि आपके वीर पुत्र भी पितामह भीष्म की रक्षा कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 6.81: सातवें दिनके युद्धमें कौरव-पाण्डव-सेनाओंका मण्डल और वज्रव्यूह बनाकर भीषण संघर्ष   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 81: सातवें दिनके युद्धमें कौरव-पाण्डव-सेनाओंका मण्डल और वज्रव्यूह बनाकर भीषण संघर्ष  »  श्लोक 16-17
 
 
श्लोक  6.81.16-17 
दशाश्वानां सहस्राणि दन्तिनां च तथैव च॥ १६॥
रथानामयुतं चापि पुत्राश्च तव दंशिता:।
चित्रसेनादय: शूरा अभ्यरक्षन् पितामहम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
उसमें दस हजार घोड़े, उतने ही हाथी और दस हजार रथ तथा कवचधारी चित्रसेन आदि आपके वीर पुत्र भी पितामह भीष्म की रक्षा कर रहे थे।
 
In that, ten thousand horses, as many elephants and ten thousand chariots, along with your valiant sons like Chitrasena, wearing armour, were protecting Grandfather Bhishma.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)