Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.80.8: राजन्! मैं अपनी पूरी शक्ति और बड़े यत्न से पाण्डव सेना में प्रवेश करके आपको विजय और सुख देना चाहती हूँ। मैं आपके लिए अपने को छिपाती नहीं हूँ॥8॥ | mahabharat अध्याय 6.80: भीष्मद्वारा दुर्योधनको आश्वासन तथा सातवें दिनके युद्धके लिये कौरव-सेनाका प्रस्थान । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परेण यत्नेन विगाह्य सेनां
सर्वात्मनाहं तव राजपुत्र।
इच्छामि दातुं विजयं सुखं च
न चात्मानं छादयेऽहं त्वदर्थे॥ ८॥
अनुवाद
राजन्! मैं अपनी पूरी शक्ति और बड़े यत्न से पाण्डव सेना में प्रवेश करके आपको विजय और सुख देना चाहती हूँ। मैं आपके लिए अपने को छिपाती नहीं हूँ॥8॥
‘Prince! I want to enter the Pandava army with all my might and with great effort, and give you victory and happiness. I do not hide myself for you.॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥