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mahabharat 6.8.6-7h: महाराज! पक्षियों में श्रेष्ठ गरुड़ पक्षी वहाँ निवास करते हैं। वहाँ के सभी लोग यक्षों की पूजा करते हैं, धनवान हैं, सुंदर नेत्रों वाले हैं, अत्यंत बलवान हैं और सुखी हैं। 6 1/2   |   mahabharat अध्याय 6.8: रमणक, हिरण्यक, शृंगवान् पर्वत तथा ऐरावतवर्षका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.8.6-7h 
यत्र चायं महाराज पक्षिराट् पतगोत्तम:।
यक्षानुगा महाराज धनिन: प्रियदर्शना:॥ ६॥
महाबलास्तत्र जना राजन् मुदितमानसा:।
 
 
अनुवाद
महाराज! पक्षियों में श्रेष्ठ गरुड़ पक्षी वहाँ निवास करते हैं। वहाँ के सभी लोग यक्षों की पूजा करते हैं, धनवान हैं, सुंदर नेत्रों वाले हैं, अत्यंत बलवान हैं और सुखी हैं। 6 1/2
 
Maharaj! The best bird among the birds, Garuda resides there. All the people there worship the Yakshas, ​​are rich, have beautiful eyes, are very powerful and are happy. 6 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)