Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.8.2-3: संजय ने कहा - हे राजन! श्वेत के दक्षिण और निषाद के उत्तर में रमणक नामक वर्ष है। वहाँ जन्म लेने वाले मनुष्य उत्तम कुल के होते हैं और देखने में बड़े सुन्दर होते हैं। वहाँ के सभी लोग शत्रुओं से रहित होते हैं॥2-3॥ | mahabharat अध्याय 6.8: रमणक, हिरण्यक, शृंगवान् पर्वत तथा ऐरावतवर्षका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय ने कहा - हे राजन! श्वेत के दक्षिण और निषाद के उत्तर में रमणक नामक वर्ष है। वहाँ जन्म लेने वाले मनुष्य उत्तम कुल के होते हैं और देखने में बड़े सुन्दर होते हैं। वहाँ के सभी लोग शत्रुओं से रहित होते हैं॥2-3॥
Sanjaya said— O King! To the south of Shwet and north of Nishad is the year called Ramanak. The people who are born there belong to a noble family and are very pleasant to look at. All the people there are devoid of enemies.॥2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥