Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.8.14-15h: ये सभी स्वर्ग से गिरे हुए हैं (और वहीं शेष पुण्यों का भोग करते हैं)! इनमें रजोगुण का सर्वथा अभाव है। भारतभूषण जनेश्वर! ये तेरह हजार वर्ष की आयु तक जीवित रहते हैं। साढ़े चौदह। | mahabharat अध्याय 6.8: रमणक, हिरण्यक, शृंगवान् पर्वत तथा ऐरावतवर्षका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवलोकच्युता: सर्वे तथा विरजसो नृप।
त्रयोदश सहस्राणि वर्षाणां ते जनाधिप॥ १४॥
आयु:प्रमाणं जीवन्ति नरा भरतसत्तम।
अनुवाद
ये सभी स्वर्ग से गिरे हुए हैं (और वहीं शेष पुण्यों का भोग करते हैं)! इनमें रजोगुण का सर्वथा अभाव है। भारतभूषण जनेश्वर! ये तेरह हजार वर्ष की आयु तक जीवित रहते हैं। साढ़े चौदह।
All of them are fallen from the heaven (and enjoy the remaining virtues there)! There is complete absence of Rajoguna in them. Bharatbhushan Janeshwar! They live till the age of thirteen thousand years. 14 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥