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mahabharat 6.8.13: वहाँ के लोगों के शरीर से खिले हुए कमल के समान सुगंध निकलती है। उनके शरीर से पसीना नहीं निकलता। मुझे उनकी सुगंध अच्छी लगती है। वे भोजन (भूख-प्यास) से रहित और प्राणवान होते हैं। 13॥   |   mahabharat अध्याय 6.8: रमणक, हिरण्यक, शृंगवान् पर्वत तथा ऐरावतवर्षका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 8: रमणक, हिरण्यक, शृंगवान् पर्वत तथा ऐरावतवर्षका वर्णन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.8.13 
पद्मपत्रसुगन्धाश्च जायन्ते तत्र मानवा:।
अनिष्यन्दा इष्टगन्धा निराहारा जितेन्द्रिया:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वहाँ के लोगों के शरीर से खिले हुए कमल के समान सुगंध निकलती है। उनके शरीर से पसीना नहीं निकलता। मुझे उनकी सुगंध अच्छी लगती है। वे भोजन (भूख-प्यास) से रहित और प्राणवान होते हैं। 13॥
 
The body of the people there exudes a fragrance similar to the blossoming lotus flowers. There is no sweat from their body. I like their fragrance. They are free from food (hunger and thirst) and have vital organs. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)