Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.8.12: वहाँ चन्द्रमा और तारे चमकते हुए चारों ओर फैले हुए प्रतीत होते हैं। वहाँ के लोगों का रंग कमल के समान है। उनके बड़े-बड़े नेत्र कमल की पंखुड़ियों के समान सुन्दर हैं॥12॥   |   mahabharat अध्याय 6.8: रमणक, हिरण्यक, शृंगवान् पर्वत तथा ऐरावतवर्षका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 8: रमणक, हिरण्यक, शृंगवान् पर्वत तथा ऐरावतवर्षका वर्णन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.8.12 
चन्द्रमाश्च सनक्षत्रो ज्योतिर्भूत इवावृत:।
पद्मप्रभा: पद्मवर्णा: पद्मपत्रनिभेक्षणा:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वहाँ चन्द्रमा और तारे चमकते हुए चारों ओर फैले हुए प्रतीत होते हैं। वहाँ के लोगों का रंग कमल के समान है। उनके बड़े-बड़े नेत्र कमल की पंखुड़ियों के समान सुन्दर हैं॥12॥
 
The moon along with the stars shines brightly there and seems to be spread all around. The people there have the complexion and colour like that of the lotus. Their large eyes are beautiful like the lotus petals.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)