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mahabharat 6.79.9: ऐसा कहकर भीमसेन ने अपने भयंकर धनुष को बार-बार घुमाया और उसे बड़े जोर से खींचकर उस पर वज्र के समान तेजस्वी भयंकर बाण छोड़े।   |   mahabharat अध्याय 6.79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.79.9 
एवमुक्त्वा धनुर्घोरं विकृष्योद्‍भ्राम्य चासकृत्।
समाधत्त शरान् घोरान् महाशनिसमप्रभान्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर भीमसेन ने अपने भयंकर धनुष को बार-बार घुमाया और उसे बड़े जोर से खींचकर उस पर वज्र के समान तेजस्वी भयंकर बाण छोड़े।
 
Saying this, Bhimasena swung his fierce bow again and again and drew it with great force and placed on it fierce arrows as bright as thunderbolts.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)