श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  6.79.47 
अथान्यद् धनुरादाय भारसाहमनुत्तमम्।
समादत्त शरान् घोरान् शतानीको महाबल:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली शतानीक ने भार वहन करने में समर्थ दूसरा उत्तम धनुष लिया और उससे भयंकर बाण चलाए ॥47॥
 
Then the mighty Satanika took another excellent bow capable of bearing the load and shot terrible arrows with it. ॥ 47॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)