vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति
»
श्लोक 42-43h
श्लोक
6.79.42-43h
तं दृष्ट्वा छिन्नधन्वानं शतानीक: सहोदरम्॥ ४२॥
अभ्यपद्यत तेजस्वी सिंहवन्निनदन् मुहु:।
अनुवाद
अपने भाई का धनुष टूटा हुआ देखकर तेजस्वी शतानीक सिंह के समान बार-बार गर्जना करता हुआ वहाँ पहुँचा। 42 1/2
Seeing his brother's bow broken, the radiant Satanika arrived there roaring like a lion again and again. 42 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×