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mahabharat 6.79.40: राजन! इसी प्रकार वीर श्रुतकीर्ति ने आपके यशस्वी पुत्र जयत्सेन को मार डालने की इच्छा से युद्धस्थल में उस पर आक्रमण किया ॥40॥   |   mahabharat अध्याय 6.79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.79.40 
श्रुतकीर्तिस्तथा वीरो जयत्सेनं सुतं तव।
अभ्ययात् समरे राजन् हन्तुकामो यशस्विनम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
राजन! इसी प्रकार वीर श्रुतकीर्ति ने आपके यशस्वी पुत्र जयत्सेन को मार डालने की इच्छा से युद्धस्थल में उस पर आक्रमण किया ॥40॥
 
Rajan! Similarly, the brave Shrutakirti attacked your illustrious son Jayatsen in the battlefield with the desire to kill him. 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)