Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.79.31: उन बाणों की पूंछ में मोर के पंख लगे हुए थे। वे विकर्ण के शरीर को छेदकर अंदर घुस गए और वहां से निकलकर जलते हुए सर्पों के समान पृथ्वी पर गिर पड़े। | mahabharat अध्याय 6.79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन बाणों की पूंछ में मोर के पंख लगे हुए थे। वे विकर्ण के शरीर को छेदकर अंदर घुस गए और वहां से निकलकर जलते हुए सर्पों के समान पृथ्वी पर गिर पड़े।
Those arrows had peacock feathers attached to their tails. They pierced Vikarna's body and entered inside and after coming out from there, they fell on the earth like blazing serpents.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥