Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.79.26-27: महाराज! अभिमन्यु अस्त्र-शस्त्र विद्या में निपुण है और युद्ध में उन्मत्त होकर लड़ता है। रणभूमि में बाणों से घायल होने पर भी उसने आपके सैनिकों को थर्रा दिया था। ठीक उसी प्रकार जैसे देवताओं और दानवों के युद्ध में वज्रधारी इंद्र ने बड़े-बड़े दानवों को भयभीत कर दिया था। | mahabharat अध्याय 6.79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! अभिमन्यु अस्त्र-शस्त्र विद्या में निपुण है और युद्ध में उन्मत्त होकर लड़ता है। रणभूमि में बाणों से घायल होने पर भी उसने आपके सैनिकों को थर्रा दिया था। ठीक उसी प्रकार जैसे देवताओं और दानवों के युद्ध में वज्रधारी इंद्र ने बड़े-बड़े दानवों को भयभीत कर दिया था।
Maharaj! Abhimanyu is an expert in the art of weapons and fights like a madman in battle. Even after being hit by arrows in the battlefield, he made your soldiers tremble. Just like the thunderbolt-wielding Indra had frightened the great demons in the war between gods and demons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥