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mahabharat 6.79.18: राजन! इसी प्रकार रथियों में श्रेष्ठ कृपाचार्य ने अमरता से युक्त और ऐश्वर्य से युक्त कुरुवंशी दुर्योधन को अपने रथ पर चढ़ाया॥18॥   |   mahabharat अध्याय 6.79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.79.18 
कृपश्च रथिनां श्रेष्ठ: कौरव्यममितौजसम्।
आरोपयद् रथं राजन् दुर्योधनममर्षणम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
राजन! इसी प्रकार रथियों में श्रेष्ठ कृपाचार्य ने अमरता से युक्त और ऐश्वर्य से युक्त कुरुवंशी दुर्योधन को अपने रथ पर चढ़ाया॥18॥
 
Rajan! Similarly, Kripacharya, the best among the charioteers, mounted Duryodhana of Kuru dynasty, filled with immortality and full of splendor, on his chariot. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)