Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.79.15: समस्त राजाओं ने कुरुराज दुर्योधन का सुन्दर रत्नजटित ध्वज देखा, जो सूर्य के समान चमक रहा था और जिस पर सर्प का चिन्ह था, वह कटकर गिर रहा था।   |   mahabharat अध्याय 6.79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.79.15 
ज्वलन्तं सूर्यसंकाशं नागं मणिमयं शुभम्।
ध्वजं कुरुपतेश्छिन्नं ददृशु: सर्वपार्थिवा:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
समस्त राजाओं ने कुरुराज दुर्योधन का सुन्दर रत्नजटित ध्वज देखा, जो सूर्य के समान चमक रहा था और जिस पर सर्प का चिन्ह था, वह कटकर गिर रहा था।
 
All the kings saw the beautiful gem-studded flag of the King of Kuru, Duryodhana, blazing like the Sun and marked with a snake, being cut and falling.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)