Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.79.14: दुर्योधन का वह भव्य ध्वज उसके नाना प्रकार के रत्नों से विभूषित रथ से अचानक कटकर भूमि पर गिर पड़ा, मानो बादल से बिजली गिर गई हो। | mahabharat अध्याय 6.79: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रथाच्च स ध्वज: श्रीमान् नानारत्नविभूषितात्।
पपात सहसा भूमौ विद्युज्जलधरादिव॥ १४॥
अनुवाद
दुर्योधन का वह भव्य ध्वज उसके नाना प्रकार के रत्नों से विभूषित रथ से अचानक कटकर भूमि पर गिर पड़ा, मानो बादल से बिजली गिर गई हो।
That magnificent flag of Duryodhana's was suddenly cut off from his chariot adorned with various gems and fell to the ground as if lightning had struck the ground from a cloud. 14.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥