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श्लोक 6.78.36  |
एवं युयुधिरे वीरा: प्रार्थयाना महद् यश:।
तावका: पाण्डवै: सार्धमाकाङ्क्षन्तो जयं युधि॥ ३६॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार महान यश और युद्ध में विजय की इच्छा से आपके वीर सैनिक पाण्डवों के साथ युद्ध करने लगे। |
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| Thus, desiring great fame and victory in the war, your valiant soldiers fought with the Pandavas. |
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इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि संकुलयुद्धे अष्टसप्ततितमोऽध्याय:॥ ७८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें संकुलयुद्धविषयक अठहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७८॥
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