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mahabharat 6.78.18-19: इधर, उस रणभूमि में अभिमन्यु को भीमसेन और धृष्टद्युम्न से मिलते देख आपकी सेना के महारथी योद्धा दुर्योधन के समान हाथ में धनुष लेकर अत्यन्त वेगशाली घोड़ों पर सवार होकर वहाँ पहुँचे, जहाँ पाण्डव पक्ष के वे बारह महारथी योद्धा उपस्थित थे।   |   mahabharat अध्याय 6.78: उभय पक्षकी सेनाओंका संकुल युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 78: उभय पक्षकी सेनाओंका संकुल युद्ध  »  श्लोक 18-19
 
 
श्लोक  6.78.18-19 
अथाभिमन्युं समरे भीमसेनेन संगतम्।
पार्षतेन च सम्प्रेक्ष्य तव सैन्ये महारथा:॥ १८॥
दुर्योधनप्रभृतय: प्रगृहीतशरासना:।
भृशमश्वै: प्रजवितै: प्रययुर्यत्र ते रथा:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
इधर, उस रणभूमि में अभिमन्यु को भीमसेन और धृष्टद्युम्न से मिलते देख आपकी सेना के महारथी योद्धा दुर्योधन के समान हाथ में धनुष लेकर अत्यन्त वेगशाली घोड़ों पर सवार होकर वहाँ पहुँचे, जहाँ पाण्डव पक्ष के वे बारह महारथी योद्धा उपस्थित थे।
 
Here, on that battlefield, seeing Abhimanyu meeting Bhimasena and Dhrishtadyumna, the mighty warriors of your army, like Duryodhana, with bows in their hands, reached there on very fast horses, where those twelve mighty warriors from the Pandava side were present.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)