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mahabharat 6.78.15-16: वे सभी रथों पर बैठे हुए, सूर्य और अग्नि के समान तेजस्वी, महाधनुर्धर, उत्तम शोभा से प्रकाशित, स्वर्णमुकुटों से शोभायमान और अत्यन्त तेजस्वी योद्धा थे। उन्हें उस महासमर में आते देख आपका पराक्रमी पुत्र भीमसेन को छोड़कर वहाँ से चला गया। 15-16॥   |   mahabharat अध्याय 6.78: उभय पक्षकी सेनाओंका संकुल युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 78: उभय पक्षकी सेनाओंका संकुल युद्ध  »  श्लोक 15-16
 
 
श्लोक  6.78.15-16 
दृष्ट्वा रथस्थांस्तान् शूरान् सूर्याग्निसमतेजस:।
सर्वानेव महेष्वासान् भ्राजमानान् श्रिया वृतान्॥ १५॥
महाहवे दीप्यमानान् सुवर्णमुकुटोज्ज्वलान्।
तत्यजु: समरे भीमं तव पुत्रा महाबला:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वे सभी रथों पर बैठे हुए, सूर्य और अग्नि के समान तेजस्वी, महाधनुर्धर, उत्तम शोभा से प्रकाशित, स्वर्णमुकुटों से शोभायमान और अत्यन्त तेजस्वी योद्धा थे। उन्हें उस महासमर में आते देख आपका पराक्रमी पुत्र भीमसेन को छोड़कर वहाँ से चला गया। 15-16॥
 
All of them were warriors sitting on chariots, as bright as the sun and fire, great archers, shining with exquisite splendor, appearing to be shining with golden crowns and extremely radiant. Seeing them coming in that great battle, your mighty son left Bhimsen and moved away from there. 15-16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)