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mahabharat 6.78.13-14: महाराज! तत्पश्चात् धर्मराज युधिष्ठिर द्वारा भेजे हुए तथा भीमसेन के पदचिन्हों पर चलने वाले अभिमन्यु आदि बारह महारथी योद्धाओं ने अपनी-अपनी सेनाओं को युद्धभूमि में सब प्रकार से स्थापित करके आपके पराक्रमी पुत्रों पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 6.78: उभय पक्षकी सेनाओंका संकुल युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 78: उभय पक्षकी सेनाओंका संकुल युद्ध  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  6.78.13-14 
तत: संस्थाप्य समरे तान्यनीकानि सर्वश:।
अभिमन्युप्रभृतयस्ते द्वादश महारथा:॥ १३॥
प्रेषिता धर्मराजेन भीमसेनपदानुगा:।
प्रतिजग्मुर्महाराज तव पुत्रान् महाबलान्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् धर्मराज युधिष्ठिर द्वारा भेजे हुए तथा भीमसेन के पदचिन्हों पर चलने वाले अभिमन्यु आदि बारह महारथी योद्धाओं ने अपनी-अपनी सेनाओं को युद्धभूमि में सब प्रकार से स्थापित करके आपके पराक्रमी पुत्रों पर आक्रमण किया।
 
Maharaj! Thereafter, having established their armies in the battlefield in all possible ways, the twelve mighty warriors including Abhimanyu, who were sent by Dharmaraja Yudhishthira and who followed in the footsteps of Bhimasena, attacked your mighty sons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)