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mahabharat 6.77.73: जब समस्त महारथियों ने देखा कि अत्यंत तेजस्वी आचार्य द्रोण ने उनकी सेना की व्यूहरचना को तोड़ दिया है, तब वे बहुत प्रयत्न करने पर भी उन्हें रोक नहीं सके ॥ 73॥   |   mahabharat अध्याय 6.77: भीमसेन, धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 77: भीमसेन, धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  6.77.73 
तत्प्रभग्नं बलं दृष्ट्वा द्रोणेनामिततेजसा।
नाशक्नुवन् वारयितुं समस्तास्ते महारथा:॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
जब समस्त महारथियों ने देखा कि अत्यंत तेजस्वी आचार्य द्रोण ने उनकी सेना की व्यूहरचना को तोड़ दिया है, तब वे बहुत प्रयत्न करने पर भी उन्हें रोक नहीं सके ॥ 73॥
 
When all the great warriors saw their army's formation broken by the extremely radiant Acharya Drona, they were unable to stop him in spite of their best efforts. ॥ 73॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)