Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.77.45: राजन! जिस प्रकार देवताओं के राजा इन्द्र युद्ध में दैत्यों पर क्रोधित हो जाते हैं, उसी प्रकार धृष्टद्युम्न का क्रोध आपके पुत्रों पर बहुत बढ़ गया था। उसके मोहनास्त्र के प्रयोग से आपके वीर पुत्र अपनी चेतना और धैर्य खोकर युद्धभूमि में हतप्रभ हो गए। | mahabharat अध्याय 6.77: भीमसेन, धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका पराक्रम । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! जिस प्रकार देवताओं के राजा इन्द्र युद्ध में दैत्यों पर क्रोधित हो जाते हैं, उसी प्रकार धृष्टद्युम्न का क्रोध आपके पुत्रों पर बहुत बढ़ गया था। उसके मोहनास्त्र के प्रयोग से आपके वीर पुत्र अपनी चेतना और धैर्य खोकर युद्धभूमि में हतप्रभ हो गए।
King! Just as the king of gods Indra gets angry with demons in a war, similarly Dhrishtadyumna's anger on your sons had increased a lot. Due to the use of his Mohnastra, your brave sons lost their consciousness and patience and got mesmerized on the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥