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mahabharat 6.77.44: आपके वीर पुत्रों को आगे बढ़ते तथा युद्ध में प्रचण्ड होते देख द्रुपद के युवा योद्धा पुत्र ने उन्हें मार डालने के लिए भयंकर प्रमोहनास्त्र का प्रयोग किया।   |   mahabharat अध्याय 6.77: भीमसेन, धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 77: भीमसेन, धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  6.77.44 
समभ्युदीर्णांश्च तवात्मजांस्तथा
निशम्य वीरानभित: स्थितान् रणे।
जिघांसुरुग्रं द्रुपदात्मजो युवा
प्रमोहनास्त्रं युयुजे महारथ:॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
आपके वीर पुत्रों को आगे बढ़ते तथा युद्ध में प्रचण्ड होते देख द्रुपद के युवा योद्धा पुत्र ने उन्हें मार डालने के लिए भयंकर प्रमोहनास्त्र का प्रयोग किया।
 
Seeing your valiant sons standing in front, advancing and becoming fierce in the battle, the young warrior son of Drupada used the dreadful Pramohanaastra to kill them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)