Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.77.22-23: जाते समय नरसिंह भीमसेन ने मुझसे प्रेमपूर्वक कहा, "सुत! तुम इन घोड़ों को दो घड़ी तक रोककर यहीं मेरी प्रतीक्षा करो। जब तक मैं इन लोगों को न मार डालूँ जो मुझे मारने पर उतारू हैं।" 22-23. | mahabharat अध्याय 6.77: भीमसेन, धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका पराक्रम । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जाते समय नरसिंह भीमसेन ने मुझसे प्रेमपूर्वक कहा, "सुत! तुम इन घोड़ों को दो घड़ी तक रोककर यहीं मेरी प्रतीक्षा करो। जब तक मैं इन लोगों को न मार डालूँ जो मुझे मारने पर उतारू हैं।" 22-23.
While leaving, the lion of men, Bhimasena, said to me lovingly, "Sut! You stop these horses for two hours and wait for me here. Until I kill these people who are ready to kill me." 22-23.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥