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mahabharat 6.77.10: जब उन सभी राजाओं ने भीमसेन को सेना में प्रवेश करते देखा तो आपस में कहा, "हमें इसे जीवित ही पकड़कर बंदी बना लेना चाहिए।"   |   mahabharat अध्याय 6.77: भीमसेन, धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 77: भीमसेन, धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.77.10 
अथालोक्य प्रविष्टं तमूचुस्ते सर्व एव तु।
जीवग्राहं निगृह्णीमो वयमेनं नराधिपा:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जब उन सभी राजाओं ने भीमसेन को सेना में प्रवेश करते देखा तो आपस में कहा, "हमें इसे जीवित ही पकड़कर बंदी बना लेना चाहिए।"
 
When all those kings saw Bhimasena entering the army, they said amongst themselves, "We should capture him alive and make him a prisoner."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)