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mahabharat 6.75.33: वे श्रेष्ठ पुरुष संजय, केकय, द्रोणाचार्य और भीष्मकी मारे जाने पर युद्धभूमि से भागने लगे।   |   mahabharat अध्याय 6.75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.75.33 
ते वध्यमाना द्रोणेन भीष्मेण च नरोत्तमा:।
सृञ्जया: केकयै: सार्धं पलायनपराऽभवन्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
वे श्रेष्ठ पुरुष संजय, केकय, द्रोणाचार्य और भीष्मकी मारे जाने पर युद्धभूमि से भागने लगे।
 
Those best of men Sanjaya and Kekaya, Dronacharya and Bhishmaki, after being killed, started running away from the battle-field.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)