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mahabharat 6.75.29: द्रोणाचार्य को देखते ही कुन्तीपुत्र वीर भीमसेन ने अपने तीव्रगामी घोड़ों के साथ द्रोण की सेना पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  6.75.29 
भीमसेनस्तु कौन्तेयो द्रोणं दृष्ट्वा पराक्रमी।
अभ्ययाज्जवनैरश्वैर्भारद्वाजस्य वाहिनीम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य को देखते ही कुन्तीपुत्र वीर भीमसेन ने अपने तीव्रगामी घोड़ों के साथ द्रोण की सेना पर आक्रमण कर दिया।
 
On seeing Dronacharya, the valiant Bhimasena, son of Kunti, attacked Drona's army with his swift horses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)