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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  6.75.28 
तथा भीष्मकृपद्रोणशल्यदुर्योधनादिभि:।
तवापि च बभौ सेना ग्रहैर्द्यौरिव संवृता॥ २८॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार भीष्म, कृपाचार्य, द्रोणाचार्य, शल्य और दुर्योधन से घिरी हुई आपकी सेना ग्रहों सहित आकाश के समान शोभायमान हो रही थी।
 
Similarly, your army, surrounded by Bhishma, Krupacharya, Dronacharya, Shalya and Duryodhana, looked as beautiful as the sky with planets. 28.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)