Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.75.27: भीमसेन, अर्जुन, नकुल, सहदेव तथा अन्य पराक्रमी योद्धाओं द्वारा संरक्षित पाण्डव सेना तारों से युक्त रात्रि के समान सुन्दर दिख रही थी।   |   mahabharat अध्याय 6.75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.75.27 
भीमसेनार्जुनयमैर्गुप्ता चान्यैर्महारथै:।
शुशुभे पाण्डवी सेना नक्षत्रैरिव शर्वरी॥ २७॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन, अर्जुन, नकुल, सहदेव तथा अन्य पराक्रमी योद्धाओं द्वारा संरक्षित पाण्डव सेना तारों से युक्त रात्रि के समान सुन्दर दिख रही थी।
 
The Pandava army, protected by Bhimasena, Arjuna, Nakula, Sahadeva and other mighty warriors, was looking as beautiful as the night with the stars.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)