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mahabharat 6.75.20: प्रस्थल का शासक (त्रिगर्तराज) अपनी सेना के साथ सुशर्मा कवच धारण करके, सेना के बाईं ओर आश्रय लेकर खड़ा था।   |   mahabharat अध्याय 6.75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.75.20 
स्वसेनया च सहित: सुशर्मा प्रस्थलाधिप:।
वामपक्षं समाश्रित्य दंशित: समवस्थित:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
प्रस्थल का शासक (त्रिगर्तराज) अपनी सेना के साथ सुशर्मा कवच धारण करके, सेना के बाईं ओर आश्रय लेकर खड़ा था।
 
The ruler of Prasthal (Trigartaraj) was standing with his army, wearing the Susharma armor, taking shelter on the left side of the formation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)