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mahabharat 6.75.15: महाराज! तब आपके चाचा देवव्रत ने पाण्डवों की सेना को देखकर उसका प्रतिरोध करने के लिए महान क्रौंचव्यूह के रूप में अपनी सेना का गठन किया।   |   mahabharat अध्याय 6.75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.75.15 
व्यूढं दृष्ट्वा तु तत् सैन्यं पिता देवव्रतस्तव।
क्रौञ्चेन महता राजन् प्रत्यव्यूहत वाहिनीम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तब आपके चाचा देवव्रत ने पाण्डवों की सेना को देखकर उसका प्रतिरोध करने के लिए महान क्रौंचव्यूह के रूप में अपनी सेना का गठन किया।
 
King! Then your uncle Devavrata, seeing the Pandava formation, organized his army in the form of the great Kraunchavyuha to counter it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)