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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 75: छठे दिनके युद्धका आरम्भ, पाण्डव तथा कौरव-सेनाका क्रमश: मकरव्यूह एवं क्रौंचव्यूह बनाकर युद्धमें प्रवृत्त होना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.75.13 
एवमेतं महाव्यूहं व्यूह्य भारत पाण्डवा:।
सूर्योदये महाराज पुनर्युद्धाय दंशिता:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! हे भरतपुत्र! इस प्रकार उस महान मकरव्यूह का निर्माण करके पाण्डवों ने कवच धारण किया और सूर्योदय के समय पुनः युद्ध के लिए तैयार हो गये।
 
Maharaj! O son of Bharat! Having thus formed that great Makaravyuha, the Pandavas put on armour and got ready for the battle again at sunrise.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)